1000 रुपए का गोबर चोरी?


रिपोर्ट आपके ही वार्ड से है।
सरकार की गोबर खरीदी की योजना से वार्ड वासियों में भारी उत्साह है। लोगों ने गाय सेवा शुरू कर दी है। लोग अपने घर के बचे हुए खाने को गऊ माता को खिलाते हैं। कुछ रईस लोग तो हरे चारे की होम डिलीवरी भी करवाते हैं।
एक गाय यदि 5 किलो गोबर करती है तो वार्ड में घूमने वाली 100-120 गायों से 500 किलो गोबर तो मिल ही जायेगा। 2 रुपए प्रति किलो के हिसाब से ये गोबर 1000 रुपए का होगा ही।

कहां गायब हो जाता है गोबर?

जब वार्ड वासी सुबह गोबर उठाने के लिए घर से बाहर निकलते हैं तो गोबर गायब हो जाता है। सूत्रों के हवाले से हम पता चला है कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी वार्ड की सड़कों में फैले गोबर को उठा लेते हैं। जब लोग सड़क से गुजरते हैं तो उन्हें गोबर की महक आती है। जिससे साबित होता है कि सड़क पर गोबर मौजूद था।

निगम कयों उठता है गोबर?

गाय को बचा हुआ खाना खिलाते हैं वार्ड वासी पर गोबर उठाता लेता है निगम। एसी कार में सफ़र करने वालों को तो गोबर का पता नहीं चलता लेकिन पैदल, साइकिल और मोटर साइकिल वालों को गोबर की महक आती है। लोगों के जूतों और साइकिल मोटर साइकिल के पहियों में लगकर गोबर घर तक जाता है और फिर वार्ड वासियों के घरों को महकाता है। लेकिन निगम गोबर उठाके लोगों को 2 रुपए प्रति किलो के साथ साथ उसकी महक से भी वंचित कर रहा है।

निगम को अपील

हमारी निगम को अपील है कि वार्ड में घूमने वाली गायों को ना पकड़ा जाए। उनके मालिकों पर जुर्माना भी ना किया जाए। वार्ड से गोबर भी ना उठाया जाए। वार्ड वासियों के घरों को गोबर की महक का आनंद लेने दिया जाए।

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