आईसीएमआर द्वारा जारी अंतरिम रिपोर्ट में रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में किये गए सीरो सर्वेक्षण के नतीजे जारी किये गए। सीरो सर्वे में बताया गया कि रायपुर में 13.41 प्रतिशत, दुर्ग में 8.41 प्रतिशत और राजनांदगांव में 3.76 प्रतिशत लोगों के खून में कोरोना वायरस से लड़ने वाली एंटी बॉडीज़ मिली हैं। इन तीन जिलों में एकत्र किए गए 1513 रक्त नमूनों में से 128 नमूनों में कोरोनावायरस की एंटीबॉडी पाई गई हैं, जो कुल नमूनों का 8.46 प्रतिशत है।
इन आंकड़ों को हर कोई एक ही तरीके से देखता है कि छत्तीसगढ़ में लोगों में हेर्ड इम्युनिटी नहीं बन रही। लेकिन ये आंकड़े एक और बात बताते हैं जिस पर कोई ध्यान ही नहीं देता। इन आंकड़ों से हम ये पता कर सकते हैं कि उस क्षेत्र में कोरोना कितना ज़्यादा फ़ैला और साथ ही उस क्षेत्र में कितने लोग टेस्टिंग से वंचित रह गए।
कोरोना का फ़ैलाव
सीरो सर्वे से हम पता लगा सकते हैं कि कोरोना वायरस किसी क्षेत्र में कितना फैलाव कर चूका है। यदि रायपुर में 13.41 प्रतिशत लोगों में एंटी बॉडीज़ हैं और राजनांदगांव में 3.76 प्रतिशत लोगों में एंटी बॉडीज़ हैं इसका हम ये अर्थ निकल सकते हैं कि राजनांदगांव की तुलना में रायपुर में कोरोना वायरस का फैलाव 3 गुना है। इसका ये भी अर्थ होता है कि रायपुर में करीब 14 प्रतिशत लोगों को कोरोना वायरस हो चुका है। दुर्ग में करीब 9 प्रतिशत और राजनांदगांव में करीब 4 प्रतिशत लोगों को ही कोरोना वायरस हुआ है।
टेस्टिंग और जागरूकता में कमी
सीरो सर्वे हमे ये भी बताता है कि किस क्षेत्र में कितने लोग ऐसे हैं जो टेस्टिंग से वंचित तेह गए। ये वो लोग हो सकते हैं जिन्हें कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं हुआ या वो लोग जिन्होंने जानबूझकर अपनी टेस्टिंग नहीं करवाई। ये बहुत ही महत्वपूर्ण पहलु है सीरो सर्वे के नतीजों का। रायपुर में करीब 14 प्रतिशत, दुर्ग में करीब 9 प्रतिशत और राजनांदगांव में करीब 4 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनको कांटेक्ट ट्रेसिंग के माध्यम से नहीं पकड़ा जा सका या जिन्हे लक्षण नहीं आए या जो टेस्टिंग से बचने में कामयाब हो गए।
इससे ये भी स्पष्ट होता है कि किस क्षेत्र मे लोग कितने जागरूक हैं। अगर किसी क्षेत्र में सीरो सर्वे में एंटी बॉडीज़ अधिक मात्रा में पायी जाती हैं, इसका ये मतलब है कि उस क्षेत्र के लोग मास्क (रुमाल/ गमछा भी शामिल) लगाने और शारीरिक दुरी बनाये रखने में असफ़ल हुए हैं। यदि उस क्षेत्र के लोग सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए मास्क(रुमाल/ गमछा भी शामिल) का उपयोग करते, लोगों से शारीरिक दूरी बनाये रखते और भीड़ भाड़ वाले इलाकों से दूर रहते तो उस क्षेत्र के लोगों में एंटी बॉडीज़ नहीं पाई जाती।
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